जीवन से कभी हार नहीं मानने की जरुरत है, क्यूंकि जलवायु परिवर्तन होता है मगर सूर्य निकलने से इंकार नहीं करता है।

चुनौती को अवसर में बदलने की प्रतिभा रखो, क्यूंकि सूर्य प्रतिदिन निकलता है मगर जलवायु अपने अनुसार बनाता है।

यह ज़िन्दगी एक इबादत है, अतः स्वतंत्र हो कर इस कर्त्तव्य को पूरा कर लेने में जीवन की सफलतम कहानी बनती है।

इनकार इंसान के सपनों को रौंद देता है, क्यूंकि प्रकृतिवाद मानव सभ्यता का पंथ है, अतः हमें अपने दायरे से बाहर निकल कर उस दायरे को समझने की जरुरत है।

पुण्य या पाप यदि स्वर्ग अथवा नरक का स्रोत बनता है तो धरती पर इंसान का जीवन सस्ता बन जाएगा, क्यूंकि ईश्वर हमें अपने पर्यावरण को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए हमें सर्वोत्तम बनाया है।

दिल में द्वेष रखना सेहत के लिए हानिकारक है, क्यूंकि धरती अपने अंदर की गर्मी न निकाले तो उसका सतह खोखला बन जाएगा।

यह युग प्रारंभिक है, क्यूंकि इस ज़माने में विधाता की सहमति ली जाती है, अतः स्वचालित इंसान की प्रगति का श्रेय है।

गरीबी एक निर्बलता है जो इंसान की इच्छा पर हमला करता है, अतः प्रकृति का लाभ लेने वाला इस धरती पर सशक्त बनता है।

समर्थन इंसान को मजबूती प्रदान करता है, अतः सूर्य हम से दूर है मगर सहायक बन कर हमें पथ प्रशस्त करता है।

एकता इंसान की सीख मिटा देता है, क्यूंकि सोच में फासले होंगे तब किसी लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं, अतः जुड़ाव एक बंधन है जो इंसान को पीछे की ओर आकर्षित करता है।

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