पृथ्वी के केंद्र में गुरुत्वाकर्षण बल होता है, यदि इंसान उस चपेट में आता है तो उसकी मृत्यु हो सकती है, इसी प्रकार उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव में चुंबकीय क्षेत्र होता है, यदि इंसान उस स्थान पर पहुंचे तो उसे गुप्त होना पड़ेगा।

जिस प्रकार देशी चीज़ असली होता है उसी तरह संबंध भी स्थानीय लोगों से ही गहरा होता है, अतः अपने स्थान को पहचानें अपनी किस्मत के स्वामी स्वयं बन जाएंगे।

स्कूल में पढ़ कर सिर्फ़ डिग्रियां मिलती हैं मगर अनुभवी बनने के लिए समाज में सेवा करना पड़ता है, अतः आप कितने भी ज्ञानी बन जाएं मगर समाज की सराहना सर्वोच्च माना जाता है।

अपने अंदर जिज्ञासा बढ़ाएं रास्ते खुद-ब-खुद नजर आने लगेंगे, क्यूंकि वायु जब चलती है तो वह दिशा स्वतः खोज लेती है।

जिस प्रकार ईर्ष्या इंसान को भावुक बनाता है उसी प्रकार उसकी प्रतिक्रिया का भी प्रतीक्षा करना चाहिए, क्यूंकि गरम पानी से ज़्यादा खतरनाक उसका वाष्प होता है।

घृणा बीमार होने से रोकता है, क्यूंकि अपवित्र हर इंसान को कष्ट देता है, अतः स्वास्थ जिस से मना करें उसे नकार देना।

इंसान को किसी भी भविष्यवाणी से डरने की जरुरत नहीं है, क्यूंकि आज का समय कल वापस नहीं आएगा, अतः अतीत से सीख कर भविष्य में स्वयं को सिद्ध करने का साहस रखो।

छुपाना एक विकृति है, क्यूंकि सौंदर्य बनाने के लिए दिखाना पड़ता है, अतः अंधकार से निकल कर प्रकाश में आएं।

हठधर्मिता इंसान से तमीज़ ख़त्म कर देता है, क्यूंकि इंसान बार-बार एक ही काम करें मगर उससे कोई फ़ायदा न हो तो उत्तेजना बढ़ने लगती है।

इंसान को अपनी शंकाएं दूर कर लेने की जरुरत है, क्यूंकि यह जगत किसी के अनुकूल नहीं है यहां संघर्ष करना पड़ता है।

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