जिंदगी इंसान को बड़ा लक्ष्य देने हेतू हमेशा आतुर रहता है, हम छोटी-छोटी समस्याओं को बड़ा बना कर उसमें उलझ जाते हैं, यदि बादल हवाओं की दिशा की तरफ़ चलेगा तो धरती को पानी कभी मयस्सर नहीं होगा।

अपमान आबरुरेज़ी से ज़्यादा बुरा है, क्यूंकि इंसान प्रकाश में कुछ भी कर सकता है मगर अंधेरा उसके जीवन को अंधकारमय बना देगा।

पवित्र शरीर इंसान की गरिमा पहचान लेता है, क्यूंकि एक चिंगारी पूरे जंगल को राख कर सकती है।

आस्था एक विश्वास है जो भय बन कर इंसान को स्वतंत्र होने से रोकता है, अतः जल पड़े चट्टानों की परवाह नहीं करता वह अपना मार्ग स्वयं खोज लेता है।

नफरत इंसान का शत्रु है, यदि इंसान मिट्टी से नफरत करने लगे तो पृथ्वी की उम्र कम होने लगती है।

अन्य व्यक्ति के बारे में सोचने वाले इंसानों को इज्जत मिलती है, क्यूंकि सर्दियों में सूर्य प्यारा लगता है मगर वह गर्मी में वबाल बन जाता है।

घमंड इंसान को ऊंचा करने हेतू जरुरी है, क्यूंकि सूर्य के ऊपर ठंडी होने के बावजूद जगत में प्रकाश उत्पन्न करता है।

लाज इंसान को छुपने पर मजबूर कर देता है, क्यूंकि इंसान शर्म से किसी का चेहरा न देखें तो उसके वंश का नाश हो जाएगा।

यदि आप आगे बढ़ना चाहते हैं तो भय को नकार कर चलना पड़ेगा, क्यूंकि सूर्य जब निकलता है तो मौसम की परवाह नहीं करता है।

यदि आप अपनी छवि बनाने पर ऊर्जा खर्च करते हैं तो वह एक समय पर शक्ति बन कर उभरता है, क्यूंकि चंद्रमा को चमकीला बनाने हेतू तारे का टिमटिमाना जरुरी है।

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