स्वभाव में न तो लचीलापन न ही कठोरता रखो, क्यूंकि कठोरता दर्द अधिक देगा तथा लचीलापन लांछन के रास्ते से गुजारेगा।

मांगने की इच्छा कभी न रखो ऐसे लोग दुर्बल या चोर होता है ऐसा गुण इंसान को असहाय बना देता है, क्यूंकि सूर्य का कोई स्वामी नहीं है उसे अपने समय पर निकल कर पूरी कायनात को रौशन करना है।

हर मुद्दा सराहनीय है सिर्फ उसका प्रचार व्यापक होना चाहिए, क्यूंकि सूर्य जब तक ग्रहों के पीछे छुपा रहता है कोई प्रकाश की अपेक्षा नहीं करता है।

यदि आप चरित्र के महान व्यक्ति हैं तो आप को अपनी प्रसन्नता पर अडिग रहना होगा, क्यूंकि मोम जब तक ठोस अवस्था में रहता है तब तक उसका स्थानांतरण होता रहता है।

आप को फैसले लेने के साथ प्रयोग करना होगा तब अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं, क्यूंकि लकड़ी काटने से पहले कुल्हाड़ी को धारदार बनाना पड़ता है।

धन की आपूर्ति आप की जिंदगी के बंद द्वार को खोलती है, क्यूंकि बारिश की जरुरत जीव-जंतु महसूस करते हैं मगर फ़ायदा इंसान को पहुंचता है।

जिंदगी आप को क्रियाशील रहने का सबक देता है, क्यूंकि पृथ्वी को जितना खोदा जाए नमी ही मिलता है नमी गहरा करने में मदद करती है।

जिस प्रकार हवा एक दिशा से दूसरी दिशा में न टकराए तो जलवायु पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है, उसी तरह अपने परिश्रम से किसी वस्तु की संरचना बदलने पर ही अच्छा प्रतिफल प्राप्त होता है।

बिना प्रमाण के किसी भी आस्था पर विश्वास करना स्वयं को छलित करने का एक षडयंत्र है, क्यूंकि सूर्य का अपना एक प्रकाश है उसे देख कर ही दिन होने पर यकीन किया जाता है।

आस्थाएं आप को भ्रम में रखता है मगर अपना एकल सिद्धांत इंसान को जीवित रखता है, क्यूंकि बादल के घर्षण से बिजली गिरने पर भी वर्षा रुकती नहीं है।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free