वास्तविकता पर जीने से इरादे स्वतः बनने लगते हैं, क्यूंकि जब पहाड़ जिन्दा होता है तो उसमें जल निकलने की संभावना बनी रहती है।

जिस प्रकार इस जगत की उत्पत्ति स्वतः हुई है इसके परिक्रमा को कोई बाधित नहीं कर सकता है, वैसे ही इस संसार में कभी प्रलय नहीं आने वाला है, अतः इंसानों के अस्तित्व को बचाए रखने हेतू हमें आविष्कार पर ध्यान केंद्रित करने की जरुरत है।

लोगों को पहचान कर इंसान आकाश की हकीकत जान सकता है, क्यूंकि चंद्रमा सारी रात को रौशन नहीं करता है लेकिन सूर्य पूरे दिन को प्रकाशित करता है।

जिस प्रकार सूर्य पर पहरा होने के बावजूद भी वह निकलता है उसी तरह वीर संकट में भी लड़ने की क्षमता रखता है।

जिसे फर्ज़ निभाने का जुनून हो वो कभी नुकसान में नहीं रहेगा, क्यूंकि सूर्य स्वतंत्र है उसे जलवायु परिवर्तन ही बाध्य कर सकता है।

मधुर वाणी से इंसान अपनी क़िस्मत खुद बना सकता है, क्यूंकि कौआ एवं कोयल एक ही रंग का होता है मगर लोग कोयल को पसंद करते हैं।

प्रेम वंश बढ़ाने का काम करता है तथा क्लेश वंश को नष्ट कर देता है, क्यूंकि प्रेम देव का स्रोत है तथा क्लेश राक्षस का स्रोत होता है, अतः उल्फत करो तो सज्जन व्यक्ति से तथा नफरत उन्माद फैलाने वालों से करो।

जैसा कि हम जानते हैं एक सूर्य पूरे संसार को प्रकाशित करता है, वैसे ही एक इंसान अगर अपने दर्द की उपेक्षा करें तो वह दुनिया को समृद्ध बना सकता है।

इस जगत में कुछ भी बेकार नहीं है उसके समान ऊर्जा खर्च करने की जरुरत है। यदि आप ने उस पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रयास कर लिया तो वह आप की शक्ति बन जाएगी।

लोगों के संबंध को तक़दीर कहते हैं, नहीं मानने पर इंसान प्रयास करके अपने मकाम तक पहुंच सकता है, मान लेने पर जस की तस स्थिति बनी रहती है।

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