स्वर्ग से क्षीणता का आरंभ होता है तो नरक से सुदृढता का आरंभ होता है, यदि इंसान सुंदरता का लोभी है तो उसे बच्चे पैदा करने में आनंद लेना चाहिए तथा नियंत्रण की इच्छा रखता है तो उसे पुनर्जन्म में रुचि लेने की जरुरत है।