तुम बहादुर हो तो निर्भर रहना छोड़ दोसमझने का रुख खुद की ओर मोड़ दोतुम्हें दिशा दिखाने वाले तो खूब मिलेंगेतुम जिधर चलो उधर प्रेरणा का होड़ दो

तुझे औलाद के तेज़ होने की चाहत हैतो कड़े मिज़ाज रखने में क्यों आहत हैतुम उम्मीदों का रास्ता पकड़ना छोड़ दोइसमें तो बस तेरे ही खून की शहादत है

तू बेदार है तो अब तक जिन्दा हैसंभल जा अभी प्यासा परिंदा हैयदि तूने ज़िंदगी को संवारा नहींतो मैयत भी तुझ पर शर्मिन्दा है

समाप्त करने के लिए मजबूत इरादे रखना पड़ता है तथा आरंभ करने के लिए चिंता मुक्त रहना पड़ता है, क्यूंकि आकाश को उतारा जा सकता है मगर अक्ष को खींचा नहीं जा सकता है।

इंसान को छुपा कर कुछ नहीं मिलता है, क्यूंकि जो सोच आप की भविष्य के समरुप है उसे कोई वर्तमान में करना चाहता है, अतः साझा कर अपने साथ समाज के समृद्धि की सोच बना लो।

जीवन एक दरस है जो इसे समझ गया उसे सब आसान प्रतीत होगा, क्यूंकि पठार को एक बार में तोड़ना मुश्किल है मगर उसे खण्डित करके आसानी से तोड़ा जा सकता है।

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