तुम खुद को गिराना तो बंद करोसर उठाकर आकाश बुलंद करोतुम दुनिया में सबसे ऊंचा रहोगेजिन्दगी में नई दिशा पसंद करो

तुम जिस भी राह पर चलो वह तुम्हारा होइंसानों के हिमायत का तुम पर सहारा होतुम एक दिन मजबूत लोग बन कर रहोगेतेरे मतिमान में गैर का न कोई आसरा हो

देश-भक्ति तो दुनिया में विशाल हैहमारे हाथ में एकता का मशाल हैयह अवाम देश को अयस बना देंगेउस ताक़त की ज़माने में मिसाल है

अनेकता में आप को सच भी झूठ लगेगा मगर एकता सत्य का सिद्धांत है, क्यूंकि नदी की गहराई कम होने के कारण उसे समंदर से मिलना पड़ता है।

Create your own website, free on WordPress.com.Create your own website.
Start free