इस दुनिया का विधाता कोई नहींइंसानों ने खुद से जन्म लिया यहींतेरे वजूद का तो पता चल जाएगासृष्टि का पड़ताल करके देख कहीं
तू मासूम है माफी को न तड़पकिसी बेगुनाह को तू मत झड़पदुनिया में तो तेरी ही जीत होगीपुण्य के सही कर्मों को तो हड़प
जिंदगी में कोई खतरे न उठासत्य विचार को बुद्धि में बैठातुम अपने साहस को न छोड़ोतेरा कर्त्तव्य ही तो बनेगा निष्ठा