इस दुनिया का विधाता कोई नहींइंसानों ने खुद से जन्म लिया यहींतेरे वजूद का तो पता चल जाएगासृष्टि का पड़ताल करके देख कहीं

तुम खुद से प्यार करोअपनी जिंदगी पर ही मरोतेरी सारी समस्या आसान होगीजब तक तुम अपने आप से न डरो

तू मासूम है माफी को न तड़पकिसी बेगुनाह को तू मत झड़पदुनिया में तो तेरी ही जीत होगीपुण्य के सही कर्मों को तो हड़प

जिंदगी में कोई खतरे न उठासत्य विचार को बुद्धि में बैठातुम अपने साहस को न छोड़ोतेरा कर्त्तव्य ही तो बनेगा निष्ठा

तुमको औलाद की पुकार हैतुम्हारा किरदार भी तैयार हैतुम खुद में विश्वास जगा दोतेरी तरबियत का इंतेजार है

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