
पानी को पौधा खाता है, पौधों को पशु-पक्षी खाते हैं, पशु पक्षी को इंसान खाता है, सवाल यह बनता है कि मनुष्य को कौन खाता है; पानी स्वर्ग की उत्पत्ति है तथा आग नरक की उत्पत्ति है, अतः हम स्पष्ट रुप से कह सकते हैं कि स्वर्ग इंसानों को उपलब्ध कराता है तथा नरक उसे खा जाता है।
