कुछ इस तरह से शुरु करो कि पीछे न देखना पड़ेआगे बढ़ने पर तेरी छवि किसी की नजरों में न गड़ेजिंदगी की हकीकत से रुबरु होकर तो तू देख पहलेसंघर्ष का रास्ता चुन कर तो फिर क्यों न बनें कोई बड़े

मसखरी किसी कार्य की गति तेज़ कर तो देता है मगर नुकसान होने पर रुला देता है, जबकि संयमित इंसान के कार्य की गति कम कर देता है मगर लाभ होने पर मुस्कान देता है।

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