जब अदालत के कटघेरे में खड़े हो जाओ तो जुबान से सच ही निकलता है वैसे ही जब ईमानदारी के व्यापार में अलख जगाओ तो सही रास्ता ही दिखाई देता है।

सूर्य निकलता रोज़ है लेकिन वह जलवायु की अनुमति से इंसानों को दिखता है, इसी प्रकार इंसान जीता जरुर है मगर वो ऑक्सीजन के बिना मर जाता है, कहने का अर्थ यह है कि यदि इंसान एक तरफ़ नुकसान झेलता है तो दूसरी ओर उसे उसका फ़ायदा नज़र आने लगता है।

पौधे का अचरज देखो जब हरा होता है तो उसे जानवर पसंद करता है मगर जब वह पक जाता है तो इंसान की जरुरत बन जाती है, इसी प्रकार इंसान जब कमाने के लायक रहता है तो वह अन्य लोगों की पसंदीदा रहते हैं मगर जब वह बूढ़ा हो जाता है तो परिवार के लायक बन जाते हैं।

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