धर्म का ज्ञान देने हेतू सारे धर्म-गुरुओं को तपस्या करना पड़ा था उन्होंने परिवार को त्याग दिया था, अतः हमारे सामने दो विकल्प आते हैं हम चाहे तो घर की बलिदान देकर देश को सर्वोच्च बना सकते हैं।

गरीबी वो सीख है जो इंसान को भूखा मार देती है मगर हाथ फैलाने नहीं देता है तथा फकीरी वो ठाठ है जो इंसान के पास सब कुछ होने के बावजूद इज्जत नहीं मिलती है इसी प्रकार अमीरी वो अहंकार है जो नए कपड़े पहनते हुए भी किरदार में चमक नहीं आते हैं।

इंसान को सीखने से पहले समझने की जरुरत है, क्यूंकि यदि आप किसी बाध्य में पड़ जाएंगे तो सुस्त होना स्वभाविक है, अतः जीवन में प्रसन्न रहना है तो अपने जीवट का प्रदर्शन करते रहो।

वृक्ष के अधिक मोटा होने पर बकला निकलने लगता है इसी प्रकार इंसान की हड्डियों पर ज्यादा मांसपेशी हो जाए तो हड्डियां मोटी न हो तो गोश्त उधेड़ने लगता है।

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