भारत को दुश्मन नोचने पर लगी हैतभी तो हमारी यह आत्माएं जगी हैमिलन की सभ्यता से तुम क्यों डरते होइंसानों की ही लड़ाई में तुम भी मरते होइस धरती को तुम कभी न जलाया करोपृथ्वी पर तो तुम अनाज ही उगाया करोइस खूबसूरत भारत को तू न बर्बाद करयह देश तुम्हारा है इसे ही तू आबाद करमरने के बाद न जलाने पर बीमारियां बढ़ेगीतेरी उस मैयत पर न जाने कितने कीड़े चढ़ेगीइंसानियत के नाते तुम जनाजे में शामिल जरुर होनाअर्थी को आग के हवाले करने पर तुम भी गफूर होना

धन इंसान की जरुरत हैक़िस्मत तो तेरी कुदरत हैखुद को उत्तम सिद्ध कर दोभविष्य ही तुम्हारी शोहरत है

तेरा यह धन न रहने वाला हैकिरदार ही तो कहने वाला हैतुम इंसानों का दिल जीत लोप्रेम की गंगा ही बहने वाला है

तुझे इसी जीवन में कुछ करना हैखाली हाथ ही तो तुमको मरना हैतुम लोगों की यादगार बन जाओतुझे आमाल का जखीरा भरना है

तू अपना सफ़र खुद से शुरु करशामिल होते जाएंगे वो हमसफरअपनी क़िस्मत के हकदार बनोगेअवाम की इच्छा में मंजूरी तो भर

तेरी मां तेरी पालनहार हैतेरा बाप तेरे रचनाकार हैदुनिया पर विश्वास तो करतेरे आगे-आगे चमत्कार है

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